Reprogram Subconscious Mind Can Be Fun For Anyone






सुमति की अलमारी में अब तो उस की साइज़ और फिटिंग के कपड़ो से भरी पड़ी थी. उसके कपड़ो का कलेक्शन बहुत ही सुन्दर दिख रहा था, पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या पहने? इतने कपड़ो में ढूंढते हुए उसे बड़ा समय लग जाएगा. आज का मौका ऐसा था कि साड़ी पहनना ही बेस्ट होगा, सो वो अपनी साड़ियों के कलेक्शन में साड़ी देखने लगी. अब शौपिंग में उसे धुप में खूब चलना तो पड़ेगा ही, आखिर दुल्हन की शौपिंग है, एक दूकान में थोड़ी ही हो जायेगी?

‘An unlimited impetus at the rear of this fascination was the sort of parental affirmation that it obtained.’

दुर्जन फूट-फटकर रोने लगा। जब ज़रा आवाज सुधरी तो बोला—हुजूर, बाप-दादे से सरकार का नमक खाता हूँ, अब मेरे बुढ़ापे पर दया कीजिए, यह सब मेरे फूटे नसीबों का फेर है धर्मावतार। इस छोकरी ने मेरी नाक कटा दी, कुल का नाम मिटा दिया। अब मैं कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं हूँ, इसको सब तरह से समझा-बुझाकर हार गए हुजूर, लेकिन मेरी बात सुनती ही नहीं तो क्या करूं। हुजूर माई-बाप हैं, आपसे क्या पर्दा करूं, उसे अब अमीरों के साथ रहना अच्छा लगता है और आजकल के रईसों और अमींरों को क्या कहूँ, दीनबंधु सब जानते हैं।

“डिंग डोंग”, दरवाज़े पर घंटी बजी. आज सुबह से ही घंटी बार बार बज रही थी और हर बार वो घंटी उसके लिए एक नया अनचाहा सरप्राइज लाती थी. पर इस बार इससे सही वक़्त पर घंटी नहीं बज सकती थी. घंटी न बजती तो वो बेकाबू होकर अपने निप्पल को निचोड़ कर मचल उठती और आन्हें भरने लगती, अपने ही होंठो को जोर से कांटने लगती.

I also started off inquiring myself greater queries. I discovered the better the question I asked the higher The solution I obtained.

चैतन्य भी उसकी आँखों में देख कर बोला, “मुझे एक बात बताओ सुमति. तुम्हारा स्वभाव हमेशा से थोडा उद्दंड और लडको सा था… हमारे गाँव की किसी भी लड़की के मुकाबले तुम कुछ ज्यादा मुंह-फट थी.

I utilized to wrestle with very similar rubbish ideas, but I discovered right after being sober these very last six many years where by most had been coming from.

“दोनों ही माँ-बेटी ड्रामा क्वीन हो! चलो, अब काम पर लग जाओ.. लोग आते ही होंगे.”, अंजलि ने हँसते हुए कहा.

However plenty of people Feel their acutely aware mind keeps them answerable for their everyday living, it is de facto the subconscious mind that's the manager.

मधुरिमा ने सलाद बनाना शुरू किया और साथ ही साथ अपने नखरे भी दिखाती रही.

सुमति भी जल्द तैयार हो गयी. उसके पास अब सुन्दर दिखने का एक कारण था. उसे नहीं पता था कि वो चैतन्य से शादी करेगी या नहीं. पर वो आज अपने बेस्ट फ्रेंड के लिए उसके माता-पिता के सामने खुबसूरत दिखना चाहती थी.

सुमति की शर्म से आँखें झुक गयी. इतना प्यार जो उसे मिल रहा था. पर मन ही मन वो सोच रही थी कि कैसे more info उसके आस पास की दुनिया बदल गयी है. उसके सामने खड़ी औरत उससे कह रही है कि उसने सुमति को छोटी बच्ची से check here जवान युवती बनते देखा है.

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Information filtering. If our aware minds experienced to manage the two-million bits of information we practical experience just about every waking 2nd, we would be immediately overcome, paralyzed with the sheer quantity of data. At the rear of the scenes our subconscious mind proficiently filters out all unwanted information, making sure only A very powerful and applicable nuggets enable it to be to your surface area.

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